Tuesday, March 30, 2010

रास्ते पर निकलता हूँ


रास्ते पर निकलता हूँ 
हर कदम गिनता हूँ 
कही ठोकर न लग जाये फिर से 
इसलिए निगाहें झुका कर चलता हूँ.... 
कभी कांटो से डर लगता था 
अब कांटो पर चलता हूँ 
जिन्दगी के हर मोड़ पर 
इस चुभन को मासूस करता हूँ .... 
चला था किसीका साथ ढूंढने 
अब साथ मैं चलने वालो से डरता हूँ 
कभी सभी पर था विश्वास मुझको 
अब खुद पर विश्वास करने से डरता हूँ ..... 
भीड़ मैं चहरे पहचानने की आदत थी 
अब चेहरों की हंसी से डरता हूँ... 
न जाने क्यू एक वहम सताता हैं मुझकों 
के मैं गलत था.. मैं गलत था... मैं गलत था...

7 comments:

www.जीवन के अनुभव said...

are aap to bade sandy he........kya bat he kha thokar khai jo sabase darate he... khubsurat rachana

आचार्य धनंजय शास्त्री said...

aapne jeevan kee asmanjasata ko spast chitrit kiyahai

saurabh said...

achhi lagi...
kitna bada dhoka mila hai?
lekin shayad aisa na hota yadi " neki kar dariya me dal" ko atmsat kiya hota.....mera kewal vichar hai aisa ho sakta hai aap sahi ho/
bahut badhiya....
apni samvedanshilta ka parichay duniya me vishwas failane me lagaye. mera apse vinamr nivedan hai.

kshama said...

रास्ते पर निकलता हूँ
हर कदम गिनता हूँ
कही ठोकर न लग जाये फिर से
इसलिए निगाहें झुका कर चलता हूँ....
कभी कांटो से डर लगता था
अब कांटो पर चलता हूँ
जिन्दगी के हर मोड़ पर
इस चुभन को मासूस करता हूँ ....
चला था किसीका साथ ढूंढने
अब साथ मैं चलने वालो से डरता हूँ
Zindagi har qadam pe apna naya roop ujagar karti hai..kise pata agle pal kya hoga!
Rachana behad sundar hai!

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

Jo said...

mann k waham ko nikal do to achcha hoga, kai bar hum dekhkar bhi thokar kha lete hain...